हवलदार रामा राम का असामयिक निधन से मेराल में पसरा मातम

तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचते ही मचा कोहराम, सरस्वती नदी तट पर सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
मेराल, गढ़वा
मेराल। बस स्टैंड निवासी एवं झारखंड पुलिस में हवलदार रामा राम का ब्रेन हेमरेज के कारण इलाज के दौरान असामयिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही मेराल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रामा राम धनबाद जिले के लोयाबाद थाना में पदस्थापित थे।
जानकारी के अनुसार, पिछले शनिवार को ड्यूटी के दौरान बाथरूम जाने के क्रम में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे गिर पड़े। साथ मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकीय जांच में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार की शाम इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। शुक्रवार को जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। शव पहुंचते ही परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। रामा राम के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, परिचित और शुभचिंतक पहुंच गए। हर कोई नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देता नजर आया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने बताया कि रामा राम मिलनसार, सरल स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे। उनके असामयिक निधन से परिवार के साथ-साथ समाज को भी गहरी क्षति हुई है। सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर अंतिम संस्कार के लिए सरस्वती नदी के तट पर ले जाया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
इस मौके पर एससी-एसटी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रघुराई राम ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रामा राम का असामयिक निधन बेहद दुखद है। उन्होंने कुदरत से प्रार्थना की कि शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में सहन करने की शक्ति मिले और दिवंगत आत्मा को शांति प्राप्त हो।
अंतिम संस्कार के बाद उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत रामा राम को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान झामुमो जिला अध्यक्ष शंभू राम, प्रखंड प्रमुख दीपमाला कुमारी, डॉ. लाल बहादुर साव, सुनील गौतम, रामकेश राम, रामाकांत गुप्ता, रामाधार राम और संतोष दास सहित बड़ी संख्या में रिश्तेदार, सगे-संबंधी एवं ग्रामीण मौजूद रहे। अंतिम विदाई के दौरान हर आंख नम थी और पूरा माहौल गमगीन नजर आया। लोगों ने रामा राम के साथ बिताए पलों को याद करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।




