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अरंगी पंचायत में फर्जी हस्ताक्षर से कार्यकारिणी बैठक कराने का आरोप, जांच के लिए प्रखंड स्तर पर टीम गठित

उप मुखिया समेत आठ वार्ड सदस्यों ने अधिकारियों को सौंपा आवेदन, बीडीओ ने एक सप्ताह में जांच पूरी कर कार्रवाई का दिया आश्वासन

विकास कुमार 

मेराल (गढ़वा)। प्रखंड के अरंगी पंचायत में कार्यकारिणी की बैठक में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी राशि के दुरुपयोग और जालसाजी किए जाने का मामला सामने आया है। उप मुखिया कुमारी सुनीता ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर मामले को उजागर करने का दावा किया है। इस संबंध में उप मुखिया समेत आठ वार्ड सदस्यों ने जिला प्रशासन से लेकर प्रखंड स्तर के अधिकारियों तक लिखित आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उप मुखिया कुमारी सुनीता के अनुसार, अरंगी पंचायत में कुल 15 वार्ड सदस्य हैं। आरोप है कि 24 अगस्त को आयोजित कार्यकारिणी की बैठक के रजिस्टर में आठ सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं, जबकि चार वार्ड सदस्यों के हस्ताक्षर कथित रूप से फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। उनका कहना है कि संबंधित चारों वार्ड सदस्य बैठक में उपस्थित नहीं थे, इसके बावजूद रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर दर्ज किए गए।

हस्ताक्षर के मिलान के लिए बीडीओ कार्यालय पहुंचे वार्ड सदस्य

मामले को लेकर सोमवार को संबंधित वार्ड सदस्य प्रखंड कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यकारिणी रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षरों का मिलान कराया गया। उप मुखिया के अनुसार, चार वार्ड सदस्यों ने अपना पक्ष रखते हुए बयान दिया कि वे संबंधित बैठक में उपस्थित नहीं थे और रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षर उनके नहीं हैं।इनमें वार्ड संख्या 14 की सरिता देवी, वार्ड संख्या 11 की विमला देवी, वार्ड संख्या 1 की सरदा देवी और वार्ड संख्या 12 की सुनीता देवी शामिल हैं। उप मुखिया का दावा है कि वार्ड संख्या 14 की सरिता देवी सामान्यतः हस्ताक्षर की जगह अंगूठे का निशान लगाती हैं, जबकि बैठक के रजिस्टर में उनके नाम के सामने हस्ताक्षर दर्ज है। वहीं, अन्य तीन वार्ड सदस्यों के हस्ताक्षरों को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। उप मुखिया ने यह भी आरोप लगाया कि आवेदन देने के बाद वार्ड संख्या 12 की सदस्य सुनीता देवी दबाव में आकर जांच में सहयोग करने से पीछे हट रही हैं। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

डीसी से लेकर बीडीओ तक लगाई न्याय की गुहार

उप मुखिया कुमारी सुनीता ने बताया कि मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर गढ़वा के उपायुक्त (डीसी), उप विकास आयुक्त (डीडीसी), अपर समाहर्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी और मेराल के प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन सौंपा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत में कार्यकारिणी की बैठक के नाम पर कथित अनियमितता की गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी ने 48 घंटे के भीतर जांच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी जांच शुरू नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।

आरटीआई से मांगी योजनाओं की जानकारी, छायाप्रति नहीं मिलने पर अपील की चेतावनी

उप मुखिया ने पंचायत में संचालित विकास योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, उन्होंने 16 सितंबर को सूचना के अधिकार के तहत विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी और दस्तावेजों की छायाप्रति मांगी थी, लेकिन अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर मांगे गए दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो वे नियमानुसार अपील करेंगी।

बीडीओ बोले- एक सप्ताह में जांच कर होगी आगे की कार्रवाई

इस संबंध में अंचल अधिकारी सह प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी यशवंत नायक ने बताया कि अरंगी पंचायत की उप मुखिया और अन्य वार्ड सदस्यों से प्राप्त आवेदन के आलोक में मुखिया एवं पंचायत सचिव से 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। दोनों की ओर से जवाब प्राप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए प्रखंड स्तर पर एक टीम गठित की गई है। टीम एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी करेगी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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