
16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण कार्य में प्रगणक व पर्यवेक्षक के रूप में तैनात थे शिक्षक-शिक्षिकाएं
विकास कुमार
मेराल। जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ड्यूटी के बदले क्षतिपूर्ति अवकाश दिए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में मेराल प्रखंड विकास पदाधिकारी सह चार्ज पदाधिकारी को आवेदन देकर नियमानुसार क्षतिपूर्ति अवकाश देने के लिए पत्र निर्गत करने का अनुरोध किया गया है। आवेदन में बताया गया है कि मेराल प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण कार्य के लिए प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। इन कर्मियों ने 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक निर्धारित अवधि में जनगणना संबंधी कार्य संपन्न कराया। आवेदन में कहा गया है कि जनगणना का यह महत्वपूर्ण कार्य शिक्षकों द्वारा अवकाश की अवधि में भी किया गया। ऐसे में झारखंड सरकार के नियमानुसार अवकाश की अवधि में कार्य करने वाले कर्मियों को उसके बदले क्षतिपूर्ति अवकाश देय है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भवनाथपुर प्रखंड में जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त कर्मियों को क्षतिपूर्ति अवकाश देने के संबंध में वहां के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह चार्ज पदाधिकारी द्वारा पत्र निर्गत किया जा चुका है। शिक्षकों ने इसी आधार पर मेराल प्रखंड में भी जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण कार्य में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को नियमानुसार क्षतिपूर्ति अवकाश का लाभ दिए जाने की मांग की है। अब शिक्षकों की नजर प्रखंड प्रशासन की ओर से जारी होने वाले आदेश पर टिकी है। यदि नियमानुसार आदेश जारी होता है तो जनगणना कार्य में अवकाश के दौरान ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौके पर विनोद राम,विजय पाल, अरविंद कुमार सिंह, शंभू चौधरी, फखरूद्दीन अंसारी, नितिन मुकेश, इस्तेखार अंसारी, रितेश कुमार, अर्जुन राम, मनोज कुमार, राजेंद्र प्रसाद, कमल किशोर, शारदा कुमारी, राजेश कुमार मिश्र आदि उपस्थित थे।




