सद्गुरु सदाफल देव की 139वीं जयंती पर गूंजा अध्यात्म का संदेश

पतहरिया में भव्य सत्संग, भजन-कीर्तन से भावविभोर हुए श्रद्धालु; 31 लोगों ने ग्रहण किया विहंगम योग की साधना का उपदेश
विकास कुमार
मेराल। प्रखंड के पतहरिया गांव में विहंगम योग संत समाज के तत्वावधान में महर्षि सद्गुरु सदाफल देव महाराज की 139वीं जयंती श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश महामंत्री ललित प्रसाद सिंह, अन्न मंत्री उपेंद्रनाथ मिश्रा एवं यज्ञ मंत्री नंदलाल पासवान ने संयुक्त रूप से अखंड दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने सद्गुरु के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। विशेष सत्संग में स्वागत गान के बाद वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुत भजन और सोहर ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति गीतों में देर तक भावविभोर नजर आए। वक्ताओं ने सद्गुरु सदाफल देव की जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जन्म और मरण के बंधन से मुक्ति ही मानव जीवन का परम लक्ष्य है। उनके अनुसार आत्मा अजर-अमर और अविनाशी है तथा सद्गुरु की कृपा एवं विहंगम योग की साधना से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

कार्यक्रम के दौरान 31 श्रद्धालुओं ने विहंगम योग की क्रियात्मक साधना का उपदेश ग्रहण किया। इससे आयोजन का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया। अंत में सद्गुरु वंदना, आरती एवं शांति पाठ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके बाद आयोजित भव्य भंडारे में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम का संचालन युवा मंत्री प्रोफेसर अरविंद प्रसाद गुप्ता ने किया। आयोजन को सफल बनाने में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समाज के सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।




