शिक्षक दिवस पर आस्था डीपीएस में दिखा गुरु-शिष्य प्रेम, डॉ. राधाकृष्णन को नमन कर शिक्षकों का किया सम्मान


निदेशक आशीष आस्था बोले—विद्यार्थी की सफलता ही शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान और पुरस्कार
विकास कुमार
मेराल। आस्था डीपीएस में शिक्षक दिवस बड़े ही उत्साह, सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के महान शिक्षाविद एवं देश के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर केक काटकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करने के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित पूरा विद्यालय परिवार मौजूद रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक आशीष आस्था ने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि “शिक्षक एक सड़क की तरह होते हैं, जो बच्चों को उनकी मंजिल तक पहुंचा देते हैं, लेकिन स्वयं वहीं खड़े रहते हैं।” उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान देने का काम नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार, चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि पढ़ाई के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों द्वारा दिए जाने वाले उपहार उनके स्नेह और सम्मान का प्रतीक हैं, लेकिन शिक्षक के लिए इससे भी बड़ा उपहार उसका वह विद्यार्थी है, जो आगे चलकर जीवन में सफलता हासिल करता है।
विद्यार्थी की सफलता ही शिक्षक की असली कमाई
निदेशक ने कहा कि जब कोई विद्यार्थी अपने जीवन में सफल होकर परिवार और समाज का नाम रोशन करता है, कठिन परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलता है और एक जिम्मेदार एवं सच्चा नागरिक बनता है, तो यही शिक्षक के वर्षों के परिश्रम, त्याग और समर्पण का वास्तविक फल होता है। उन्होंने कहा कि किसी विद्यार्थी की सफलता से बढ़कर शिक्षक के लिए कोई सम्मान या पुरस्कार नहीं हो सकता। शिक्षक स्वयं के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को भी अपने शिक्षकों का सम्मान करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए और अपने अच्छे कार्यों से उनके विश्वास को सार्थक करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं नीतिश कुमार यादव, सुजाता मिश्रा, मुकेश शर्मा, पूनम शर्मा, जहरुन निशा, सैयबुन खातून, दिव्या जायसवाल एवं लक्ष्मी मिस सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों को याद करते हुए शिक्षा, संस्कार और समाज निर्माण के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। शिक्षक दिवस के इस आयोजन में गुरु-शिष्य के बीच सम्मान, स्नेह और आत्मीयता का सुंदर संगम देखने को मिला।

